मकरासन
पेट के बल जमीन पर लेट जाइए. दोनों हाथ की कोहनियों को आपस में जोड़कर स्टैंड की मुद्रा बनाते हुए हथेलियों को ठोडी के नीचे लगा लें. इसी मुद्रा में अपनी छाती को ऊपर उठाइए और कोहनियों और पैरों को आपस में जोड़कर रखें. इस तरह इस प्रक्रिया को 4 से 5 बार दोहराएं. इससे भरपूर मात्रा में शरीर को कैल्शियम और विटामिन प्राप्त होता है जो हड्डियों के लिए लाभ पहुंचाता है.
साइकिलिंग
आज के आधुनिक दौर में लोग आराम फरोख्त जिन्दगी जीने लगे हैं. अक्सर लोगों के पास गाड़ियां और बाइक्स होने के चलते साइकिल ना चलाने से भी स्वास्थ्य समस्याएँ हो रही हैं. घुटने में दर्द से राहत पाने के लिए साइकलिंग एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. साइकिल जिम में हो या फिर खुले मैदान दोनों से घुटने मजबूत बनते हैं। साइकलिंग से पैर और घुटने मजबूत होते हैं और घुटने का अस्थिरज्जु और मसल्स भी मजबूत होना शुरू हो जाते हैं. हालांकि कुछ परिस्थितियों में जब दर्द ज्यादा हो तो इससे बचने की जरूरत होती है.
मसाज
सरसों के तेल में कपूर डालकर मसाज करने से भी दर्द दूर होता है. इसके अलावा जैतून के तेल से मालिश भी फायदा पहुंचाती है. हालांकि मसाज एक योग ही है लेकिन दर्द वाली जगह पर सूजन के चलते धीरे-धीरे मालिश की जानी चाहिए. ज्यादा तेज मालिश या देर तक घुटने की कटोरियों पर जहाँ सिस्ट बनी होती है मालिश से बचना चाहिए.
वीरासन
समतल भूमि पर चटाई बिछाकर आसन लगाएं और वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं. अब दोनों पैरो को थोड़ा फैलायें और हिप्स को भूमि पर टीकाकार सीधे में रखे. अब अपने दोनों हाथों को घुटनो पर सीधा तानकर रखें. कंधो को आराम की मुद्रा में रखे और तनकर बैठे. सिर को सीधा रखें और सामने की और देखे. ऐसा कुछ देर तक नियमित करें. यह आसन प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और विटामिन डी प्रदान करता है.